बुधवार, 17 फ़रवरी 2016

चौधरी अक्षर विज्ञान 

ध्वनि विज्ञान पेज न० ३

चौधरी अक्षर विज्ञान 
  चौधरी अक्षर विज्ञान उन सारी चीजों पर आधारित है जो सर्व संसार का संचारण करती है  
   नाद ध्वनि 
  भू-मडलध्वनि
 प्राणवायुध्वनि
 अग्नि ध्वनि 
 जीवध्वनि
  ब्रह्मबाणी 
 आकाश बाणी
 मुखबाणी
  ब्रह्मशक्ति
 दिव्यशक्ति 
 आदिशक्ति
 जीवशक्ति
ब्रह्मज्ञान
दिव्यज्ञान
योग ज्ञान
स्वर साधना
अक्षर साधना
इन्द्रि साधना 
अंक विज्ञान 
अक्षर विज्ञान 
कलर विज्ञान
 इन सारी चीजों को मिलाकर बन्ती है  चौधरी अक्षर ज्योतिष विज्ञान           आईए शुरु करें चौधरी अक्षर ज्योतिष विज्ञान और देखें अद्भुत चमत्कार

मित्रो ब्रह्मान्ड से लेकर भू-मंडल तक गुजनेवाली ध्वनि की आयु अजर-अमर है संसार में कोई रहे या न रहे ध्वनि हमेशा रही है और रहेगी यह सत्य है और जो  जीव ध्वनि से बना है उसे नष्ट होना है, कौन कब नष्ट होगा यह ध्वनि निर्धारित नही करती , जीव का कर्म ही निर्धारित करता है ।
कोई यह कहता है कि जो जन्म लेता है वही मरता है तो मित्रो यह सफ़ेद झुट है में आपको उन लोगों से भी परिचित करवाता हुं जिहोंने जन्म नही लिया और अमर नही है आप जानते हो कि भगवान श्री राम के दो पुत्र थे जिनका नाम लव और कुश था इनमें कुश अजन्मा था और वह अमर नही है , ऐसे सत्य आपको धर्म-शात्रों बहुत मिल जाएंगे मगर जो सत्य हम आपको बताने जा रहे है वह आपको किसी धर्म-शात्रों में नही मिलेगा ।
 हमने  अक्षर विज्ञान में ब्रह्मान्ड से लेकर भू-मंडल तक गुजनेवाली ध्वनि की आयु को निर्धारित करके मानव के जीवन को खुश हाल बानाने का प्रयास किया है आपको यह जानकर बडी खुशी होगी  कि  देव - दैत्य  भूत- प्रेत -दानव -मानव  - के  मुखमंडल  से निकलनेवाली ध्वनि आयु कितनी है जब आपको यह मालुम हो जाएगा तो आप अपनी बहुत सी समस्याओं का समाधान कर सकते हो ।
तो मित्रो देव - दैत्य  भूत- प्रेत- दानव -मानव  - के  मुखमंडल  से निकलनेवाली ध्वनि की आयु  चौधरी अक्षर विज्ञान की शोध के अनुसार 7-14- 21- 28 एवं 35  साल है। जिसका संशोधन हमने मात्रा- अक्षर और अर्ध अक्षरों के द्वारा निकाला है आईये देखे चित्र नम्बर १२+  13 एवं 14 में कैसे हमने स्वर और मात्राओं एवं व्यंजनों की आयु को निकाला है

मित्रो यह चित्र न०  १२ है इसमें सभी मात्राएं है जिनकी आयु  चौधरी अक्षर ज्योतिष विज्ञान की शोध के अनुसार 7- साल है और यह कितनी सत्य है यह आपको पता जब चलेगा जब आप अपने नाम को अक्षर विज्ञान आधार से मिलाओगे 


मित्रो यह चित्र नम्बर १३ है 
इस चित्र नम्बर १३ में जिन अक्षरों पर मात्राएं नही है उनकी आयु १४ साल है  और जिन अक्षरों पर मात्राएं लगी हुईं है उनकी आयु २१ साल है                    अपने नाम के अक्षरों मिलाते समय मात्राओं ध्यान अवस्य रखें 
का
कि
की
कु
कू
के
कै
को
कौ
कं
:
खा
खि
खी
खु
खू
खे
खै
खो
खौ
खं
:
गा
गि
गी
गु
गू
गे
गै
गो
गौ
गं
:
घा
घि
घी
घु
घू
घे
घै
घो
घौ
घं
:
ङा
ङि
ङी
ङु
ङू
ङे
ङै
ङो
ङौ
ङं
:
चा
चि
ची
चु
चू
चे
चै
चो
चौ
चं
:
छा
छि
छी
छु
छू
छे
छै
छो
छौ
छं
:
जा
जि
जी
जु
जू
जे
जै
जो
जौ
जं
:
झा
झि
झी
झु
झू
झे
झै
झो
झौ
झं
:
ञा
ञि
ञी
ञु
ञू
ञे
ञै
ञो
ञौ
ञं
:
टा
टि
टी
टु
टू
टे
टै
टो
टौ
टं
:
ठा
ठि
ठी
ठु
ठू
ठे
ठै
ठो
ठौ
ठं
:
डा
डि
डी
डु
डू
डे
डै
डो
डौ
डं
:
ढा
ढि
ढी
ढु
ढू
ढे
ढै
ढो
ढौ
ढं
:
णा
णि
णी
णु
णू
णे
णै
णो
णौ
णं
:
ता
ति
ती
तु
तू
ते
तै
तो
तौ
तं
:
था
थि
थी
थु
थू
थे
थै
थो
थौ
थं
:
दा
दि
दी
दु
दू
दे
दै
दो
दौ
दं
:
धा
धि
धी
धु
धू
धे
धै
धो
धौ
धं
:
ना
नि
नी
नु
नू
ने
नै
नो
नौ
नं
:
पा
पि
पी
पु
पू
पे
पै
पो
पौ
पं
:
फा
फि
फी
फु
फू
फे
फै
फो
फौ
फं
:
बा
बि
बी
बु
बू
बे
बै
बो
बौ
बं
:
भा
भि
भी
भु
भू
भे
भै
भो
भौ
भं
:
मा
मि
मी
मु
मू
में
मै
मो
मौ
मं
:
या
यि
यी
यु
यू
ये
यै
यो
यौ
यं
:
रा
रि
री
रु
रू
रे
रै
रो
रौ
रं
:
ला
लि
ली
लु
लू
लें
लै
लो
लौ
लं
वा
वि
वी
वु
वू
वे
वै
वो
वौ
वं
:
शा
शि
शी
शु
शू
शे
शै
शो
शौ
शं
:
षा
षि
षी
षु
षू
षे
षै
षो
षौ
षं
:
सा
सि
सी
सु
सू
से
सै
सो
सौ
सं
:
श्र
श्रा
श्रि
श्री
श्रु
श्रू
श्रे
श्रै
श्रो
श्रौ
श्रं
श्र:
हा
हि
ही
हु
हू
हे
हैं,
हो
हौ
हं
:
क्ष
क्षा
क्षि
क्षी
क्षु
क्षू
क्षे
क्षै
क्षो
क्षौ
क्षं
क्ष:
त्र
त्रा
त्रि
त्री
त्रु
त्रू
त्रे
त्रै
त्रो
त्रौ
त्रं
त्र:
ज्ञ
ज्ञा
ज्ञि
ज्ञी
ज्ञु
ज्ञु
ज्ञे
ज्ञै
ज्ञो
ज्ञौ
ज्ञं
ज्ञ:
 चित्र नम्बर १४ 
   मित्रो चित्र नम्बर १४ में जिन अक्षरों पर दो मात्राएं लग जाती है उनकी आयु २८ साल होजा है यह आप चित्र नम्बर १४ देख सकते हो
इसी प्रकार आप बारह्खडी के सभी अक्षरों को मिलाएं 
अपने नाम के अक्षरों को मिलाते समय डबल मात्राओं  का अवस्य ध्यान रखें 
कां
किं
कीं
कुं
कूं
कें
कैं
कों
कौं
खां
खिं
खीं
खुं
खूं
खें
खैं
खों
खौं
गां
गिं
गीं
गुं
गूं
गें
गैं
गों
गौं
घां
घिं
घीं
घुं
घूं
घें
घैं
घों
घौं
ङां
ङिं
ङीं
ङुं
ङूं
ङें
ङैं
ङों
ङौं
चां
चिं
चीं
चुं
चूं
चें
चैं
चों
चौं
छा
छि
छी
छु
छू
छें
छैं
छों
छौं
जां
जिं
जीं
जुं
जूं
जें
जैं
जों
जौं

झां
झिं
झीं
झुं
झूं
झें
झैं
झों
झौं


ञां
ञिं
ञीं
ञुं
ञूं
ञें
ञैं
ञों
ञौं
    मित्रो यह मात्रा चित्र नम्बर १२ में जोभी मात्रा हैं उन सबकी आयु  चौधरी अक्षर विज्ञान की शोध के अनुसार 7 साल है आपके नाम में जिसे अक्षर पर कोई एक मात्रा लगजाए तो उस अक्षर की आयु डेढगुनी होजाती है एक अक्षर की आयु १४ साल की होती है और मात्रा लगजाने के बाद उसी अक्षर की आयु २१ साल हो जाती है और चित्र नम्बर १३ मा जोभी अक्षर मात्रा वगैर है उन सबकी आयु १४ साल है और जिन अक्षरों पर मात्रा लगी हुई है उन सबकी आयु २१ साल है और जो अक्षर आधे होते है उन सबकी आयु ७ साल की होती है अब तो  सायद आपकी समझ में ध्वनि, स्वर , अक्षर और मात्रा का ज्ञान आ गया होगा 
 अबसे पहले आपसे को इंसान कि ध्वनि, स्वर , अक्षर एवं मात्रा आयु क्या है तो कहते कि नही मालुम क्योकि आज तक इस विषय पर संसार में कभी कोई चर्चा  नही हुई और न कभी इस विषय पर किसीने कुछ लिखा है और न किसी स्कुल या कौलेज में पढाया गया है ।, वेसे ध्वनि के विषय पर वैज्ञानिक तरह तरह की जानकारी देते रहे है मगर हम जो जानकारी आपको दी है  वह  जानकारी  वैज्ञानिकों की शोध से अलग अलग है        
मित्रो .जैसेकि हम आप सभी जानते है कि ध्वनि कहीं से भी उत्पन हो सकती है मगर ध्वनि को उत्पन होंने के लिए किसी न किसी के सहारे की आवश्यकता होती है जैसेकि ध्वनि को व्यक्त करने के लिए अक्षरों की आवश्यकता होती है उसी प्रकार ध्वनि को नाद की आवश्यकता होती है नाद से निकली हुई ध्वनि को ही   हम सभी अक्षर कहते हैं ।
मित्रो, नाद से ध्वनि की पहचान हुई  
और ध्वनि से अक्षरों की पहचान हुई
एवं अक्षरों से नाम की पहचान होती है
और नाम से सर्व योनियों की पहचान होती है
और योनियों की कर्म से पहचान होती है
और कर्म से  देव दैत्य एवं मानव की पहचान होती है
मित्रो सर्व योनियों में यह तीन योनियां ऐसी है
जो इनको व्यक्तिगत नाम जाना जाता है ।
देव दैत्य एवं मानव

देव दैत्य एवं मानवों पर जबभी कोई समस्या आती तो वह नाम में आनेवाले  अक्षरों के द्वारा और परिवार के नाम में आनेवाले अक्षरों के द्वारा आती है

रविवार, 3 जनवरी 2016

akshar

जगदीश भाई चौधरी पेज न० २

  में जगदीशभाई रामप्रसार चौधरी 
 चौधरी अक्षर विज्ञान के लेखक श्री जगदीशभाई रामप्रदाद चौधरी का
 आप सभी को हाथ जोडकर नमस्कार
   माध्यम से सर्व-संसार के सर्व-दु:ख मिटाए जा सकते है , कैसे मिटाए जा सकते है यह जानने के लिए आपको अक्षर ज्ञान प्राप्त करना होगा । मित्रो हमने गुरु के आशीर्वाद से और योग के माध्यम से  एवं ईश्वर की कृपया से जो अक्षर ज्ञान प्राप्त किया है उस अक्षर ज्ञान के
अक्षर ज्ञान आप कैसे प्राप्त कर सकते है ?
मित्रो अक्षर ज्ञान प्राप्त करने के लिए आपको यहां दी हुई जानकारियों को ध्यान पूर्वक पढना होगा ।
मित्रो, ध्वनि पर तरह तरह की शोध करनेवाले वैज्ञानिक ,वर्षो से यह सोचकर शोध करने में लगे हुए है  कि हमारे हाथ कुछ ऐसा लगे कि हम जमाने में कुछ करके दिखा जाएं और  वैज्ञानिकों ने बहुत कुछ करके भी दिखाया है ।
 कहनेवाले तो यह भी कहते है कि जिसके सर पर भगवान का हाथ हो वह इंसान जमाने में कुछ भी कर सकता है या जिसके पास पैसा है वह जमाने में कुछ भी कर सकता है या सरकार जिसकी मदद करती है वह जमाने में कुछ कर जाता है ।
 में एक आम इंसान हुं न मेरे पास पैसा है और न सरकार की कोई मदद है ,में बहुत ही छोटे परिवार से हुं मेरे पास इतना पैसा नही है कि में अपने बच्चों को अच्छा एजुकेशन दे सकुं तो फ़िर अक्षर विज्ञान को में कैसे संसार तक पहुचा सकता हुं ।  
वैज्ञानिकों के पीछे तो सरकार होती है मेरे पीछे तो कोई नही है में मीडिया में जाता हुं तो मीडिया वाले एक दिन के २० मिनट का इतना पैसा मागते है कि वह मेरे बसकी बात नही है इस लिए में अक्षर विज्ञान की जानकारी को आप लोगों तक पहुचाने के लिए बेवसाट का सहारा लिया है 
 मित्रो, अक्षर विज्ञान एक ऐसी विज्ञान है जो वैज्ञानिकों को हर तरह की खोज में काम आएगी क्योंकि अक्षर विज्ञान में ध्वनि से संबंधित वह रहश्य है जिनके माध्यम से सभी वैज्ञानिक अपनी शोध को पूरा कर सकते है ,इसके अलावा स्वास्थ्य संबंधित वैज्ञानिकों के लिए भी अक्षर विज्ञान बहुत उपयोगी सावित होगी क्योंकि स्वास्थ्य इंसान के नाम में आनेवाले अक्षरों के कारण से ही खराब होता है , बर्ना एक घर पांच लोग रहते हैं उनमें से एक ही बीमार क्यों पडता है इसका कारण क्या है?
दवा बनानेवाले वैज्ञानिक दुनियां में हजारों है और लाखों फैक्ट्रीयां तरह तरह की  दवा बनाने में लगी हुईं है और दुनियां में करोडों दवाखाने एवं मेंडीकल खुले हुए हैं फ़िर भी लोगों का स्वास्थ्य ठीक नही है घर घर में लोग बीमार पडे है लेकिन अक्षर विज्ञान एक ऐसी विज्ञान है जिसके माध्यम से समस्त  बीमारियों का नाश हो सकता है ।  
 ऐसा ही नही है कि अक्षर विज्ञान मेंडीकल लाईन के लिए ही बनी है अक्षर विज्ञान साधु,संतों एवं फ़कीरों के लिए भी बहुत उपयोगी है क्योंकि अक्षर विज्ञान में ऐसे ऐसे दिव्यज्ञान है जो संसार में न किसी ने पढे होंगे और न किसी ने सुने होंगे । 
 मित्रो, आम इंसान तो आम इंसान है मगर आम इंसान के लिए यह अक्षर विज्ञान जितनी काम आएगी उतनी शायद किसी के काम न आए, क्योंकि संसार में गरीबी लाचारी बहुत है जिसको मिटाने का एक ही उपाय है और वह है अक्षर विज्ञान का ज्ञान ।

                    बिना दवा के इलाज 
 १ अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई नि:संतान नजर नही आएगा
२ अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई निर्धन नजर नही आएगा
३ अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई पुत्र हिन नजर नही आएगा 
४ अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई बे घर नजर नही आएगा
५ अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई बे रोजगार नजर नही आएगा
६ अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई अपंग नजर नही आएगा
७ अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई अंधा  नजर नही आएगा
८ अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई लगडा  नजर नही आएगा
९ अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई गुंगापन  नजर नही आएगा
१० अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई  बहरा्पन नजर नही आएगा
११ अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई कोढी नजर नही आएगा
१२ अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई  गवार नजर नही आएगा
१३अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई  पागल नजर नही आएगा
१४ अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई अनपढ  नजर नही आएगा

१५ अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई डायबिटीज रोग नजर नही आएगा  १७ अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई  थायराइड रोग नजर नही आएगा १८ अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई ब्लडप्रेशर रोग नजर नही आएगा १९ अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई मुटापा रोग नजर नही आएगा

  मित्रो , ऐसी हजारों समस्याएं संसार में बहुत है जिनका इलाज मात्र हमारी थोडीसी समझदारी है और वह समझदारी है अक्षर विज्ञान को ध्यान से पढना
 घर परिवार में लगने वाले दोष 
 अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई वास्तुदोष नजर नही आएगा 
अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई भुमिदोष नजर नही आएगा
अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई मकानदोष नजर नही आएगा
अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई दिशा दोष नजर नही आएगा
अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई दुकान दोष नजर नही आएगा
अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई औफ़िस दोष नजर नही आएगा
अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई फ़ेक्ट्री दोष नजर नही आएगा 
अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई नाम दोष नजर नही आएगा
अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई गांव दोष नजर नही आएगा
अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई जिला दोष नजर नही आएगा
अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई प्रान्त दोष नजर नही आएगा
अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई देश दोष नजर नही आएगा
अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई पिता दोष नजर नही आएगा
अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई माता दोष नजर नही आएगा
अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई पत्नि दोष नजर नही आएगा
अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई नारीदोष नजर नही आएगा
अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई नर दोष नजर नही आएगा
अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई देव दोष नजर नही आएगा
अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई मानव दोष नजर नही आएगा
अक्षर विज्ञान के ज्ञान से संसार में कोई जाती दोष नजर नही आएगा
अक्षर विज्ञान ऐसे हजारों दोषों का नाश करती जो मानव जीवन को तवाह करते है  
 अक्षर विज्ञान  का  ज्ञान सर्व-संसार में एक ऐसा दिपक जलाएगा कि जिसकी रोशनी से समस्त संसार चमकने लगेगा |

रविवार, 2 अगस्त 2015

चौधरी अक्षर विज्ञान का एक पत्र अन्तराष्ट्रीय हिन्दी भाषा संघ को

                         अन्तराष्ट्रीय हिन्दी संघ 

अन्तराष्ट्रीय  हिन्दी संघ से हमारा हाथ जोड़कर निवेदन है कि 
अभी हमें हिन्दी भाषा को अन्तराष्ट्रीय भाषा बनाने में काफ़ी वक्त लगेगा क्योंकि हिन्दी भाषा में काफ़ी रहस्य छुपे हुए है जैसेकि ना तो हम हिन्दी भाषा  को अच्छी तरह से जान पाए है और ना ही समझ पाए है आज भी हम हिन्दी भाषा को एक अनपढ इंसान की तरह इस्तेमाल करते हैं क्योंकि  ना तो हम पूरी तरह हिन्दी भाषा के अक्षरों परिचित और ना ही हम मात्रा ओं से परिचित है 
शायद यही कारण हो सकता है कि हमारे देश के बच्चे हिन्दी में फ़ेल हो जाते है  
     हमने काफ़ी विद्यार्थी यों से पूछा और फ़िर अध्यापकों  से पूछा कि हिन्दी भाषा में कितने अक्षर      होते है किसी ने  [ 48 ] किसी ने  [ 49 ]  किसी ने  [ 50 ] किसी ने  [ 52 ] ऐसे ही  [ 62] अक्षर      तक लोगों ने बताया , इसी प्रकार हमने मात्राओं विषय में पूछा यहां पर भी लोग अन्दाज ही          लगाते रहे  
                           मित्रो यह जानकर हमें काफ़ी अफ़सोस हुआ कि 
                           एक तरफ़ हम दुनियां भर की ज्ञान विज्ञान की बात करते है 
                           और दूसरी तरफ़ हमें अक्षरों का ज्ञान नहीं है 
                          जबकि हिन्दी भाषा कितनी अनमोल भाषा है
                          जिसका अंदाज कोई नही लगा सकता कि
                          हिन्दी अक्षरों में कितने चमत्कार हो सकते हैं।
                         हां हिन्दी के हर एक अक्षर में ज्ञान छुपा हुआ है,
                         हजारों रहस्य छुपे हुए हैं 
यह तो हम सोच भी नहीं सकते मगर इतना जरुर कह सकते हैं कि जितना ज्ञान हिन्दी भाषा के अक्षरों में है,उतना ज्ञान हमें किसी और भाषा के अक्षरों में नहीं मिला है। 
 हिन्दी के हर-एक अक्षर में विधिके विधान का रहस्य छुपा हुआ है
 और चौरासी लाख योनियों का राज़ छुपा हुआ है 
और विश्व के सभी इंसानों का भविष्य छुपा हुआ है।
 हमनें हिन्दी के हर-एक अक्षर को बहुत ही करीब से जाना है 
और करीब से देखा है 
हमने मानव के जीवन पर संशोधन किया है नतीजा बहुत ही चौकाने वाला निकला है। अक्षर ज्ञान के विय को आगे बढ़ाने से पहले हम आपको कुछ बातें बताना चाहते हैं। इस पुस्तक के लेखो में एवं चित्रों में किसी प्रकार का अन्धविश्वास कि किसी प्रकार की सिद्धी का उपयोग नहीं हैं मात्र अक्षर ज्ञान हैं। इस पुस्तक में इन्सान के शरीर-से उत्पन्न होंनेवाले स्वर एवं ध्वनि-का और हिन्दी-भाषा के अक्षरों का ही उपयोग किया गया है। यह पुस्तक आपको हिन्दीभाषा के अक्षरों से परिचित करवाते हुए वह ज्ञानप्रदान करेगी जिसज्ञान के द्वारा आप अपने जीवन को खुशहाल बना सकते हो और इसके अतिरिक्‍त आपको वह ज्ञानप्रदान करेगी जिस ज्ञान की आपको काफ़ी तलाश थीहिन्दी भाषा के अक्षर क्या है?और हिन्दीभाषा क्या हैयह समझाते हुए आपको वह मार्गदर्शन देगी जिसे जानने के लिए हर इन्सान सारी उम्र भटकता है। यह पुस्तक केवल हिन्दी वर्णमाला के अक्षरों के अभूतपूर्व प्रयोगों पर आधारित है। चौधरी अक्षर ज्योतिष आपको अक्षरों की जानकारी के साथ-साथ एकसा ज्ञान प्रदान करेगी जिसेजानकर आप चकित रह जाओगे। आज के दौंर में हर इन्सान अपने बारे में और अपने परिवार के बारे में जानने के लिए बहुत इछुक होते हैं और यह पुस्तक तो पृथ्वी पर रहनेवाले हर इन्सान के बारे में बताती है। जो इन्सान इस पुस्तक को पढ़ेंगे यह पुस्तक उनके जीवन के बारे में बताते हुए समाधान भी बताएगी जिन्हें जानकर सभी लोग सरल एवं सुलभ प्रयोग-द्वारा अपने जीवन-की कुछ समस्याओं का चमत्कारिक समाधान प्राप्‍त कर सकेंगे और भविष्य में कहीं कोई रुकावट है तो उसे खुद ही दुर कर सकेंगे। इस पुस्तक के द्वारा अपने भविष्य को जानने के लिए सबसे पहले आपको अपने परिवार के सदस्यों के नामों की आवश्यकता होगीजैसेकि सबसे पहले अपना नामफ़िर माता-पिता का नामउसके बाद पत्नी एवं पुत्रों के नाम जोड़ने होंगे उसके बाद गाँव जिल्लाप्रांत एवं देश के नामों की भी आवश्यकता होती है। इतने नामों को मिलाने के बाद ही इन्सान अपने जीवन के बारे में सही जाना सकता है।अब हम आपको एक उदाहरण देते हैंएक बड़ा कागज लें और अपने परिवार के सदस्यों के नाम उस प्रकार से लिखें जिस प्रकार से यह पुस्तक आपको बताए औरआगे पुस्तक को पढते जाएँजैसे-जैसे आप पुस्तक को पढते जाओगे वैसे-वैसे आपको अपने बारे में ज्ञान प्राप्‍त होता जाएगा। इस पुस्तक में जितने भी चित्र हैंहर चित्र आपको आपके जीवन के बारे में परिचित करवाता जाएगा । जहाँ आपके नाम के अक्षर और स्वर मेल खाते होवहाँ आप एक कागज पर लिखते जाएँ । जब आप पुरी पुस्तक को पढलोगेतो आपके जीवन की समस्थ समस्यायें और उनके उपाय निकल आयेंगे । इस पुस्तक में हमनें आपकी सुविधा अनुसार उन शब्दों का उपयोग किया है जो हर आम इन्सान हर समय उपयोग करता है । नामों के









हिन्दी भाषा अपने अन्दर काफ़ी रहस्य समेंटे हुए, हिन्दी भाषा की वास्तविकता को उजागर करने के में काफ़ी वक्त लगेगा व ड़ों

हिन्दी अक्षर विज्ञान


      मित्रो , यह चित्र आप जो देख रहे हो यह वो चित्र जिसमें सभी अक्षर हैं जो आप सभी के नाम में आते हैं फ़र्क है तो बस इतना कि  इन अक्षरों पर कुछ मात्राएं लग जातीं है और जिन स्वरों मात्राएं अक्षरों पर लगतीं है वह स्वर और मात्राएं यह है 


                अआ इ ई उ ऊ ए ऍ ऐ ऑ ओ औ अं अः ॐ ऋ 
 ा ि ी ु ू े ै ॅ ो ौ ॉ ं ँ ः ़ ृ ॄ ॑


मित्रो यह स्वर अक्षर और मात्राएं अदल-बदल कर एक दूसरे के साथ आते है तो शब्द बनाते हैं उन्ही शब्दों में से कुछ अक्षर चुनकर हम सब एक नाम बनाते हैं और जब सही नाम बन जाता है तो वह नाम संसार कुछ कर जाता है इसी लिए संसार में सभी लोग अपने बच्चे का नाम बडी ही सोच समझकर रखते हैं, यह अलग बात है कि किसी को नाम चुन्ना नही आता अगर संसार में किसी को नाम चुनना आता तो संसार में गरीबी, दु:ख-दारिद्र पुत्रहीन, नि:संतान लोग नही होते क्योंकि सही नाम इन सारी चीजों को नष्ट कर देता है 
दोस्तो यह तो आप जान ही होंगे कि जो चुने हुए होते है वही संसार चलाते है। चुने हुए देवों एवं लोगों पर ही संसार का करोबार टिका हुआ है 
जैसे कि 
 घर में इंसान का नाम , घरवाले चुन्ते है 
 समाज का मुखिया समाज वाले चुन्ते है
 गांव का मुखिया सभी समाज वाले चुन्ते है 
 तहसील का मुखिया सभी गांववाले चुन्ते है
  जिले का मुखिया सभी तहसीलवाले चुन्ते है 
  प्रांत का मुखिया सभी तहसीलवाले चुन्ते है  
 मित्रो जिस नाम को आप, जिस तरह से चुनोंगे वह व्यक्ति वैसा ही होगा इस लिए आप अपने घर में सही तरीके से अपने बच्चों के नाम चुनें , क्योकि इंसान एक वार जिसे चुन लेता है वही चीज उसी प्रकार का असर करती है जैसेकि [ यंत्र , मंत्र , तंत्र  ] देव, दैत्य, दानव, मानव ] में से आप किसी को भी चुनलो उसी का प्रभाव आपके जीवन पर पडेगा यह सत्य है । 
  मित्रो हम सब किसी का भी नामकरण करें तो नाम का कोई न कोई अर्थ जरूर होता है महापुरुष कहते हैं नाम से व्यक्ति के व्यक्तित्व का पता चलता है। यही वजह है कि मां-बाप अपने बच्चों का नाम काफी सोच-समझकर रखते हैं मगर कुछ संसार में ऐसी परम्पराएं भी है जिन्हें हम सब पंचाग ज्योतिष कहते है पंचाग ज्योतिष में एक अक्षर बताते है, जो बच्चे के पैदा होने के साथ ही पंडितों द्वारा कुंडली के माध्यम से एक अक्षर बताते है, वह अक्षर से भी रखे गए नाम को बहुत कम होते है क्योंकि माता-पिता कोई अन्य नाम उसी अक्षर से संबंधित या राशी से संबंधित अपनी पसंद का नाम रखते हैं और उसी से अपने बच्चों को पुकारते हैं यह कोई नही जानता कि यह नाम अमर होगा या मिट जाएगा , वह इंसान जीवन सुख पाएगा या दु:ख उठाएगा उसका विवाह होगा कि नही , उसको संतान होगी कि नही , ऐसी सारी समस्याओं का समाधान नाम का एक अक्षर नही हो सकता हमें व्यक्ति के व्यक्तित्व जानने के लिए नाम का एक अक्षर तो क्या पूरा नाम भी काफ़ी नही है ।
मित्रों व्यक्ति के व्यक्तित्व जानने के लिए सर्व-परिवार का नाम होंना बहुत ही आवश्यक है क्योंकि एक व्यक्ति से घर संसार नही बनता घर तो सर्व-परिवार से ही बनता है तभी तो मानव जीवन में घटनेवाली घटनाओं का पता चलेगा कि कौन से इंसान को घटना घटनेवाली है ।

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